ईरान में उग्र प्रदर्शनों के बीच भारत ने कड़ा रुख अपनाया। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को ईरान के समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोनिक बातचीत की, जिसमें देश में व्याप्त अराजकता और क्षेत्रीय असर पर विचार किया गया।
एक्स पर जयशंकर ने लिखा, ‘ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बात हुई। ईरान व आसपास की बदलती परिस्थितियों पर चर्चा की।’ इसी कड़ी में विदेश मंत्रालय ने भारतीयों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी।
सलाह में चेताया गया, ‘ईरान के वर्तमान परिदृश्य के मद्देनजर भारतीयों को इस्लामिक रिपब्लिक ईरान जाने से कड़ाई से मना किया जाता है।’ यह 5 जनवरी वाली चेतावनी को और सशक्त बनाती है।
देश में मौजूद भारतीय समुदाय को सावधानी बरतने, डेमो साइट्स से परे रहने, लोकल अपडेट्स फॉलो करने और दूतावास की ऑनलाइन जानकारी चेक करने के निर्देश हैं। वीजा पर रहने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी।
ईरान के शहरों में फैली हिंसा से मौतें हो रही हैं, जो आंतरिक कलह को क्षेत्रीय खतरे में बदल रही है। अमेरिका ने नागरिकों को फौरन भागने, आर्मेनिया-तुर्की रूट अपनाने को कहा। अलर्ट में हिंसा, अरेस्ट, इंजरी, ब्लैकआउट, ट्रैफिक जाम और फ्लाइट कैंसिलेशन (16 जनवरी तक) का जिक्र।
कई देश सतर्क हैं, भारत का कूटनीति-सुरक्षा मॉडल सराहनीय। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व की जटिलताओं को रेखांकित करता है, जहां सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजी है।