66 वर्ष पुराने राजनयिक रिश्तों की वर्षगांठ पर भारत व क्यूबा ने सहयोग बढ़ाने का वादा किया। 1960 से चले आ रहे बंधन की शुरुआत क्यूबाई क्रांति को भारत की शीघ्र मान्यता से हुई।
चे ग्वेरा-कास्त्रो की यात्राओं व नेहरू संवादों ने नींव रखी। 2023 में ब्रिक्स में मोदी-डियाज मुलाकात ने गति दी। क्यूबाई उपपीएम की भारत यात्रा व भारतीय मंत्री की क्यूबा यात्रा से समझौते हुए।
फार्मास्यूटिकल्स में भारत अहम है। बायोटेक्नोलॉजी, तकनीक, पर्यटन, खेती, ऊर्जा, खनन क्षेत्र उभर रहे। आईटीईसी से क्यूबा पेशेवर सशक्त हो रहे। स्वास्थ्य, परंपरागत चिकित्सा, आपदा क्षेत्र सक्रिय।
शिक्षा-सांस्कृतिक आदान-प्रदान, खेल, हरित ऊर्जा ने वर्ष भर प्रगति की। भारत की 2026 ब्रिक्स भूमिका से लाभ होगा। तूफान मेलिसा पर भारत की 20 टन मदद—चिकित्सा यूनिट, दवाएं, बिजली उपकरण, तंबू, स्वच्छता किट—ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ दिखाया।
क्यूबाई विदेश मंत्री रोड्रिगेज ने जयशंकर व भारत का धन्यवाद किया। यह कदम वैश्विक मित्रता को मजबूत करेगा।