खामेनेई के खिलाफ ईरान भर में छिड़े विद्रोह के बीच 26 वर्षीय इरफान सोलतानी की फांसी की तैयारी जोरों पर है। प्रदर्शन में भाग लेने पर गिरफ्तार सोलतानी को मोहरेबेह के आरोप में सजा सुनाई गई, जो बुधवार को पूरी होगी। यह वर्तमान हंगामे से संबंधित पहली ऐसी सजा है।
गिरफ्तारी के बाद परिवार को कई दिन खबर नहीं मिली। फिर अचानक बताया गया कि मौत का फरमान जारी हो चुका है—बिना मुकदमे या आरोपों की जानकारी। विदाई के लिए सिर्फ 10 मिनट, साथ में चुप रहने की सख्त हिदायत और गिरफ्तारी की धमकी। परिवार भयभीत है।
विशेषज्ञ इसे प्रदर्शनकारियों को भयभीत करने की चाल बता रहे हैं। देश में 20 दिनों से 280+ जगहों पर आगजनी, 2,000 शहादतें, 20,000 हिरासत। इंटरनेट पाबंदी 5 दिनों से अधिक, स्टारलिंक को मिलिट्री उपकरणों से रोका गया—घरों पर धावा, टर्मिनल जब्त।
शासन का यह कदम असंतोष को दबाने की कोशिश है, लेकिन क्या यह उल्टा पड़ेगा? अंतरराष्ट्रीय समुदाय सजग, मानवाधिकार की रक्षा की मांग तेज।