ईरान की सड़कों पर विरोध की लहर तेज है, लेकिन तेहरान में खामेनेई समर्थकों ने जोरदार रैली निकाली। विदेश मंत्री अब्बास अराघची और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इसमें हिस्सा लिया, जो तीन हफ्ते से चल रहे प्रदर्शनों के जवाब में था।
अराघची बोले, ‘आपकी उपस्थिति हौसला देती है। हम सब मैदान में मजबूत हैं।’ ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स का दावा है कि 544 जिंदगियां गईं, 10 हजार हिरासत में।
राजनयिक बैठक में अराघची ने अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। ‘आतंकी गतिविधियों के दस्तावेज हैं, मोसाद के फारसी एजेंट घुसपैठ कर रहे।’ हिंसा में दर्जनों मौतें हुईं।
‘हम जंग नहीं चाहते, तैयार हैं। निष्पक्ष बातचीत के लिए तैयार, समानता पर आधारित।’ यह रणनीति विद्रोह को विदेशी साजिश बताने की है।
रैलियां वफादारी दिखाती हैं, मगर भारी जनहानि और गिरफ्तारियां संकट गहरा रही हैं। ईरान में स्थिरता बहाल करना चुनौतीपूर्ण।