चीन ने सरकारी निवेश कोषों को रणनीतिक दिशा प्रदान करने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रमुख मंत्रालयों ने 12 दिसंबर को ‘सरकारी निवेश कोषों के स्थानिक विन्यास एवं निवेश नीति पर सुदृढ़ मार्गदर्शन के उपाय’ जारी कर दिए।
यह नियमन कोषों के निवेश स्थल, पद्धति एवं प्रबंधन पर पहली व्यवस्थित पाबंदी लगाता है। कुल 14 बिंदुओं में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, प्रमुख क्षेत्रों एवं बाजार विफलताओं पर फोकस है।
विन्यास अनुकूलन से प्रौद्योगिकी-अध्ययन संलयन, उभरते उद्योगों को बल तथा ‘शुरुआती, सीमित, लंबे समयीन, तकनीकी’ निवेश पर जोर मिलेगा।
दिशा-निर्देश राष्ट्रीय योजनाओं एवं प्रोत्साहन सूचियों से बंधे हैं, प्रतिबंधित उद्योगों से कोष दूर रहेंगे। राष्ट्रीय कोष आधुनिक प्रणाली गढ़ेंगे, मुख्य तकनीकों को गति देंगे, दुर्बलताएं मिटाएंगे तथा बाधाओं को समाप्त कर दीर्घ नवाचार क्षमता बनाएंगे।
स्थानीय कोष क्षेत्रीय औद्योगिक आधार पर आधारित होंगे, राष्ट्रीय बाजार अनुशासन पालन करेंगे। प्राथमिकताएं हैं- उन्नयन, क्षमता वृद्धि, निजी लघु फर्में, तकनीकी स्टार्टअप्स। सामाजिक निवेश आकर्षण एवं पीपीपी मॉडल को प्रोत्साहन जरूरी।
यह नीति चीन को कुशल संसाधन उपयोग से वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगी, आर्थिक लचीलापन बढ़ाएगी।