जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के दो दिवसीय भारत दौरा अहमदाबाद में उच्चस्तरीय बैठकों के साथ आगे बढ़ा। पीएम मोदी से वार्ता के बाद उन्होंने भारत को जर्मनी का प्रिय साझेदार करार दिया और रिश्तों को ऊंचे स्तर पर ले जाने का संकल्प लिया।
पतंग उड़ाने के उत्सव में शरीक होने के बाद गांधीजी के आश्रम पहुंचे मर्ज ने उनकी प्रेरणा से प्रेरित होकर सहयोग बढ़ाने की बात कही। गुजरात को आर्थिक चमत्कार का प्रतीक बताते हुए उन्होंने अहमदाबाद की ऐतिहासिक भूमिका याद दिलाई।
साझा राजनीतिक मूल्य, आर्थिक संभावनाएं, शिक्षा और कौशल दोनों देशों को वैश्विक चुनौतियों के बीच करीब ला रहे हैं। संरक्षणवाद और सप्लाई चेन दुरुपयोग के खिलाफ मुक्त व्यापार की वकालत करते हुए मर्ज ने दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर बल दिया।
जी20 की फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी भारत को इंडो-पैसिफिक में महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने जर्मनी की पार्टनरशिप रणनीति में भारत की केंद्रीय भूमिका रेखांकित की। यूरोपीय संघ की आर्थिक महाशक्ति जर्मनी और विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के बीच तालमेल बेमिसाल है।
मुश्किल वैश्विक हवाओं में तीन प्राथमिकताएं तय कीं- सुरक्षित विश्व व्यवस्था, रूस-यूक्रेन जैसे संकटों का सामना और रक्षा-आर्थिक सहयोग। नौसेना-वायुसेना अभ्यास, विजिट और नया एमओयू रक्षा उद्योग को बूस्ट देगा।
यह साझेदारी नई गहराई लाएगी, जो दोनों को मजबूत बनाएगी। स्टार्टअप्स से स्मार्ट पार्क तक गुजरात की प्रगति इसकी मिसाल है। आने वाले समय में और मजबूत रिश्ते देखने को मिलेंगे।