संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में आईआरईएनए महासभा को संबोधित करते हुए प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत 2030 तक स्वच्छ ऊर्जा के विभिन्न क्षेत्रों में 300 अरब डॉलर का आकर्षक निवेश प्रस्तुत कर रहा है।
नीतिगत स्थिरता से भारत निवेशकों का चहेता गंतव्य। अंतरराष्ट्रीय सहयोग से तकनीक, वित्त, प्रशिक्षण और मानकों का आदान-प्रदान जरूरी, विकासशील जगत के लिए।
आईआरईएनए के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता, कम विकसित व द्वीपीय राष्ट्रों संग साझेदारी। ऊर्जा यात्रा मानव-केंद्रित, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ से प्रेरित।
500 जीडब्ल्यू लक्ष्य 2030 के लिए, 2070 नेट जीरो। 2025 में 50% गैर-जीवाश्म उपलब्धि पेरिस से आगे। 266+ जीडब्ल्यू नवीकरणीय से वैश्विक नेतृत्व।
बाजार वृद्धि के बीच भंडारण, आधुनिक ग्रिड, ग्रीन कॉरिडोर, निरंतर आपूर्ति। घरेलू उत्पादन से स्वावलंबन।
सूर्य घर से 25 लाख, कुसुम से 21.7 लाख लाभ। ऊर्जा भविष्य संवाद में समावेशी आंदोलन।
नई नेतृत्व को बधाई। यूएई से जलवायु सहयोग चर्चा, नेट जीरो अनुरूप साझेदारी समीक्षा। विकेंद्रीकृत ऊर्जा, वित्त मॉडल पर फोकस।