सऊदी अरब चीनी नई ऊर्जा कंपनियों के साथ गठजोड़ मजबूत कर रहा है। उद्योग मंत्रालय के मुख्य सलाहकार अनबास अल-कंदिल ने 10 जनवरी को रियाद में कहा कि कम कार्बन क्षेत्रों में सहयोग से विजन 2030 को गति मिलेगी। चीनी फर्मों को बाजार में निवेश के लिए स्वागत है।
चीन यात्रा से लौटे अल-कंदिल ने नई ऊर्जा वाहनों की प्रगति पर चकित होते हुए कहा। उधर, सीएटीएल ने मध्य पूर्व का सबसे बड़ा ‘निंगडे’ सेवा केंद्र शुरू किया। यह बिक्री के बाद सेवाओं को बेहतर बनाकर ऊर्जा भंडारण और विद्युतीकरण को सपोर्ट करेगा।
विजन 2030 के तहत सऊदी 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न करने का लक्ष्य रखे हुए है। चीनी तकनीक से सौर, हाइड्रोजन और ईवी क्षेत्र में क्रांति आएगी। क्षेत्रीय बाजारों के लिए यह केंद्र मील का पत्थर साबित होगा।
इस साझेदारी से सऊदी को तकनीकी हस्तांतरण, नौकरियां और नवाचार मिलेंगे। चीन को खाड़ी के विशाल अवसर प्राप्त होंगे। जलवायु परिवर्तन के दौर में यह रणनीतिक कदम है।
भविष्य में बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे संयुक्त कारखाने और अनुसंधान केंद्र उभरेंगे। सऊदी का सार्वजनिक निवेश कोष इस दिशा में अरबों डॉलर लगा रहा है।