यूक्रेन संघर्ष तेज होता जा रहा है, जहां रूस ने कीव में कतर दूतावास को निशाना बनाने के यूक्रेनी दावों को साफ तौर पर खारिज कर दिया। एक हाइपरसोनिक मिसाइल हमले के बाद उठे इस विवाद ने वैश्विक ध्यान खींचा है।
गुरुवार रात पोलैंड सीमा के पास यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से पर रूस ने ओरेश्निक मिसाइल से हमला किया। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने दूतावास को हुए नुकसान को रूस की क्रूरता का प्रमाण बताते हुए वियना कन्वेंशन का हवाला दिया और खाड़ी राष्ट्रों से समर्थन मांगा।
रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि राजनयिक भवनों को लक्षित करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। दूतावास क्षेत्र में सैन्य टारगेट न होने से नुकसान यूक्रेन की एयर डिफेंस की गड़बड़ी से हुआ। कतर के साथ मजबूत रिश्तों का जिक्र करते हुए इन्हें यूक्रेनी अफवाहें कहा।
रक्षा विभाग ने पुष्टि की कि उच्च सटीकता वाले जमीन-आधारित और समुद्री हथियारों से व्यापक कार्रवाई की गई। यह एक साल बाद ओरेश्निक का पहला इस्तेमाल था। हमला पुतिन के घर पर पिछले यूक्रेनी हमले के बदले के रूप में पेश किया गया।
दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला युद्ध को और जटिल बना रहा है। कतर जैसे तटस्थ देश की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। वैश्विक मंच पर यह मुद्दा डिप्लोमेसी और सैन्य कार्रवाइयों के बीच संतुलन को परखेगा।