ईरान में आंदोलन का दौर तेज हो गया है। आर्थिक संकट और भ्रष्टाचार से तंग जनता सड़कों पर उतर आई है। 14 दिनों से चली आ रही यह जंग हिंसा में बदल चुकी है, जिसमें विदेशी मीडिया के अनुसार कई मौतें हुई हैं। 36 घंटे से इंटरनेट बंद है और तेहरान ने अमेरिका-इजरायल पर उकसावे का इल्जाम लगाया।
इस बीच अमेरिका ने साफ पक्ष चुना। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक्स पर लिखा, ‘अमेरिका ईरान के बहादुर नागरिकों का समर्थन करता है।’ ट्रंप की पिछली चेतावनियों के बाद यह बयान आया, जबकि ईरानी एफएम अराघची के आरोपों को अमेरिका ने खारिज कर दिया।
रेजा पहलवी का वीडियो संदेश सुर्खियों में है। इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ सरकारी अमलों से हड़ताल की पुकार की। प्रदर्शनकारियों की ‘हिम्मत’ की तारीफ कर उन्होंने गुरुवार-शुक्रवार की सफलता को दोहराने को कहा।
ट्रांसपोर्ट व एनर्जी वर्कर्स से मुखातिब होकर शनिवार रात व रविवार शाम को प्रदर्शन का ऐलान किया। पहलवी ने कहा, ‘सड़कों से आगे बढ़कर शहरों के महत्वपूर्ण केंद्र हथिया लें।’ वतन लौटने की तैयारी का जिक्र कर उन्होंने भविष्य को करीब बताया।
प्रदर्शन अब सत्ता के खिलाफ विद्रोह बन चुके हैं। अमेरिकी बैकिंग से हलचल तेज है, और दुनिया देख रही है कि ईरान का भविष्य कैसे बनेगा।