खालिदा जिया के जाने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नए चेयरमैन बने तारिक रहमान। ढाका के गुलशन दफ्तर में स्थायी समिति की शुक्रवार रात की बैठक में यह सर्वसम्मत निर्णय हुआ। महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने पत्रकारों को बताया कि तारिक ने संविधान के तहत पदभार ग्रहण कर लिया।
तारिक का बीएनपी से पुराना नाता है। इरशाद विरोधी प्रदर्शनों में मां के साथ सक्रिय रहे। 1988 में गबताली उपजिला से जुड़े। 1991 चुनावों में देशभर में अभियान चलाया।
बोगुरा में 1993 का सम्मेलन उनकी देन है, जहां गुप्त बैलेट से नेता चुने गए। इस मॉडल को अन्य जिलों में फैलाया। 2002 में सीनियर संयुक्त सचिव और 2005 में जमीनी स्तर के कार्यक्रमों के सूत्रधार बने।
‘1/11’ दौर की गिरफ्तारी और निर्वासन ने 17 साल दूर रखा, लेकिन 2025 में वापसी हुई। 2009 में सीनियर उपाध्यक्ष और 2018 से कार्यवाहक अध्यक्ष रहे।
वर्तमान राजनीतिक माहौल में तारिक की अगुवाई बीएनपी को मजबूती देगी। युवाओं और प्रवासियों को जोड़कर वे सत्ता के खिलाफ मोर्चा मजबूत कर सकते हैं। बांग्लादेश की सियासत में नया मोड़ आ गया है।