ईरान की सड़कों पर विरोध के स्वर दो हफ्ते से गूंज रहे हैं और अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस आग में घी डाल दिया है। व्हाइट हाउस से उन्होंने शासन को चेताया कि प्रदर्शन दबाने के लिए हिंसा का सहारा न लें वरना परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
ट्रंप ने बताया कि उनका प्रशासन तेहरान को साफ संदेश दे चुका है – हत्याएं बंद करें। अमेरिका नजदीक से निगरानी कर रहा है और आवश्यकता पड़ी तो ठोस कदम उठाएगा। बिना सैनिक उतारे चोट पहुंचाने की बात कही। ‘वे लोगों को मारना शुरू करेंगे तो हम उन्हें सबसे संवेदनशील जगह निशाना बनाएंगे,’ उनका बयान था।
ईरान को गंभीर संकट में बताया और शहरों पर कब्जे को आश्चर्यजनक करार दिया। ट्रंप ने दशकों के अत्याचार को जड़ बताया तथा ओबामा की चुप्पी पर तंज कसा। ‘पहले सरकारें पीछे हट जाती थीं, लेकिन यह अलग है।’
विशिष्ट योजना उजागर न करते हुए ट्रंप ने नागरिकों की रक्षा पर जोर दिया। व्यापक सैन्य हस्तक्षेप की गुंजाइश नकारते हुए कहा कि शायद ऐसा न करना पड़े। प्रशासन की सतर्कता ईरान के भविष्य को प्रभावित कर सकती है, जहां लोकतंत्र की मांग तेज हो रही है।