विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए उसके अल्पसंख्यकों के दमन वाले आरोपों को खारिज कर दिया। रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार की ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान अपना भयावह इतिहास देखे, फिर भारत पर बोलने की हिम्मत करे।
तुर्कमान गेट में मस्जिद के पास कोर्ट के निर्देश पर चली बुलडोजर कार्रवाई पर पाक प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने सफाई दी थी। जायसवाल ने कहा, ‘उस देश की अल्पसंख्यकों की दुर्दशा जगजाहिर है।’ दिल्ली नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण हटाए, धार्मिक स्थल को निशाना नहीं बनाया।
पिछले महीने भी पाक के minority violence वाले बयान को MEA ने रद्द ठहराया, उसके अत्याचारों को बेनकाब किया। पाक का धार्मिक अल्पसंख्यकों पर सिस्टमैटिक जुल्म जाना-माना है।
इंटरनेशनल सेंटर फॉर पीस स्टडीज की रिपोर्ट में लाहौर के सेंटर फॉर सोशल जस्टिस का हवाला देकर बताया गया कि 2024 में 344 ब्लास्फेमी केस हुए। तीन सालों में 421 हिंदू-ईसाई लड़कियों का जबरन धर्मांतरण, 71% नाबालिग।
यह आंकड़े पाक की धार्मिक कट्टरता, हिंदू-विरोध और राजनीतिक चालबाजी को उजागर करते हैं। भारत का मुंहतोड़ जवाब पड़ोसी के झूठे प्रचार को ध्वस्त करता है, कानूनी प्रक्रिया पर जोर देता है।