उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला का भव्य आयोजन जारी है। संगम तट पर इटली की लुक्रेजिया ने भारत के प्रति अपने गहरे लगाव को व्यक्त किया। ‘यह मेरे हृदय में स्थायी रूप से बस चुका है,’ उन्होंने कहा।
दुनिया घूमने वाली लुक्रेजिया पिता संग यात्रा करती हैं, मगर भारत अलग स्तर का है। ‘लोगों की मित्रता, व्यंजनों का स्वाद, सांस्कृतिक वैभव और धार्मिक गहराई बेमिसाल।’ तीसरी यात्रा: 2024 प्रारंभिक, 2025 महाकुंभ, 2026 माघ मेला।
प्रयागराज उपरांत वाराणसी का प्लान। 10 दिनों की यात्रा में गुरु की बातें साझा कीं- करुणा, दानशीलता, फालतू की छोड़ना और आत्म-स्वीकृति। ‘सब त्यागकर उन्होंने सर्वस्व पा लिया। उनका जीवन आदर्श है।’
3 जनवरी पौष पूर्णिमा से शुरू मेला, 22 लाख प्रथम दिवस स्नान। आगामी: मकर संक्रांति (14/1), मौनी अमावस्या (18/1), बसंत पंचमी (23/1), माघी पूर्णिमा (1/2), महाशिवरात्रि (15/2)।
योगी सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए- 1500+ कैमरे, 24×7 निगरानी, तकनीकी सहायता, पीए सिस्टम, टावर और जल थाना।
लुक्रेजिया की कहानी इस मेले को वैश्विक मंच बनाती है, जहां आस्था और संस्कृति का संगम होता है।