बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का मखौल उड़ रहा है। पांक ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना ने केच के मंड कोह से उमर बलूच को जबरन उठा लिया। गुरुवार देर रात घर पर छापा मारकर बिना वारंट युवक को ले गए, कोई सुराग नहीं छोड़ा।
पांक की मांग है कि उमर को तुरंत ढूंढा जाए, रिहा किया जाए और कोर्ट में पेश हो। उन्होंने वैश्विक संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की है। बलूच वॉयस फॉर जस्टिस ने भी चेतावनी दी कि ये गायबियां बलूचों को कुचलने की रणनीति हैं।
हाल में पांच युवकों के लापता होने के पाक सेना से जुड़े होने का दावा किया गया। बीवीजे ने अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने को कहा है।
दुखद यह कि अवारन के जरीफ बलूच की लाश मिली, जो तीन माह से गायब थे। 29 सितंबर 2025 को घर से उठाए गए जरीफ का शव गोलियों से छलनी था। पांक ने इसे सिस्टमैटिक कस्टोडियल किलिंग बताया।
ये घटनाएं मानवाधिकार कानूनों को ताक पर रखने का सबूत हैं। बलूच संगठन न्याय और सभी लापताओं की सुरक्षित वापसी चाहते हैं। प्रांत में शांति के लिए पाक सरकार पर दबाव जरूरी है।