अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने व्हाइट हाउस से यूरोप को कड़ा संदेश दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप के ग्रीनलैंड संबंधी बयानों को मजाक न समझा जाए। उन्होंने इस द्वीप को वैश्विक मिसाइल सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बताया, जिसकी अनदेखी घातक साबित हो सकती है।
डेनिश नियंत्रण वाले इस आर्कटिक क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत लंबे समय से जानी जाती है। वेंस के अनुसार, शत्रु ताकतें यहां पैठ बनाने की again कोशिश कर रही हैं। सहयोगी यदि जिम्मेदारी नहीं निभाते, तो अमेरिका अकेले फैसला लेगा।
ट्रंप के अधिग्रहण सुझाव पर यूरोपीय आलोचना को खारिज करते हुए वेंस ने कूटनीति पर जोर दिया। रुबियो का डेनमार्क दौरा तय है, जहां निजी और खुले संवाद होंगे।
वेंस ने मीडिया की अतिशयोक्ति पर तंज कसा, दावा किया कि ग्रीनलैंड अमेरिका ही नहीं, संपूर्ण विश्व की रक्षा के लिए अनिवार्य है। आर्कटिक पिघलाव से उभरते अवसर प्रतिद्वंद्वियों को ललचा रहे हैं।
थूले जैसे सैन्य अड्डे शुरुआती चेतावनी के लिए महत्वपूर्ण हैं। ट्रंप प्रशासन सहयोगियों से सुरक्षा साझेदारी की मांग कर रहा है। वेंस ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय राष्ट्रपति का होगा। यह बयानबाजी ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में नया मोड़ ला सकती है, जहां यूरोप को अपनी प्रतिक्रिया चुननी होगी।