लेबनान के बेरूत में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया कि ईरान संघर्ष से परहेज करेगा, लेकिन नए हमलों पर तीव्र प्रतिउत्तर देगा।
बुधवार को यहां उतरते ही अराघची ने मीडिया से कहा कि न्यूक्लियर मुद्दे पर अमेरिका से बातचीत संभव है, बशर्ते वह समानता और पारस्परिक लाभ पर आधारित हो। जून के तनावपूर्ण 12 दिवसीय युद्ध की छाया में यह बयान महत्वपूर्ण है, जब यूएस ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया था।
दो दिनों के लेबनान भ्रमण के आरंभ में अराघची ने कहा, ‘उनके हमले और योजनाएं बुरी तरह नाकाम रहीं। दोहराने पर यही हश्र होगा।’ उन्होंने स्पष्ट किया, ‘युद्ध हमारा लक्ष्य नहीं, लेकिन हम इसके लिए सशस्त्र हैं।’
परमाणु चर्चा पर उन्होंने कहा कि अमेरिका को आदेश देने की बजाय रचनात्मक संवाद अपनाना चाहिए।
घरेलू मोर्चे पर ईरान संकट में है। लगातार विरोध के दूसरे हफ्ते में आर्थिक दबाव और अधिकारों की मांगें सड़कों पर उतर आई हैं। हिंसा भड़क चुकी है। ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट ने हस्तक्षेप की बात कही, जिसे तेहरान ने झूठा हस्तक्षेप करार दिया।
बेरूत यात्रा से ईरान अपनी कूटनीतिक मजबूती दिखा रहा है, जो मध्यपूर्व के ज्वालामुखी तनाव को नियंत्रित करने में अहम हो सकती है।