बोंडी बीच के खूनी हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में सियासी दबाव चरम पर पहुंच गया था। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने आखिरकार रॉयल कमीशन गठित करने का ऐलान कर दिया, जो एंटीसेमिटिज्म और सुरक्षा चूक की गहराई से जांच करेगा। हनुक्का के दौरान आईएसआईएस प्रेरित इस हमले ने 15 जिंदगियां लील लीं।
पार्लियामेंट में बोलते हुए अल्बानीज ने इसे देश का सबसे खतरनाक आतंकी कृत्य बताया। कमीशन यहूदी-विरोध, चरमपंथ के मूल कारणों, एजेंसियों की भूमिका और हमले के परिवेश की छानबीन करेगा। साथ ही सामाजिक सामंजस्य के उपाय सुझाएगा।
यहूदी नेताओं, परिवारों और प्रमुख हस्तियों की लगातार मांगों ने लेबर सरकार को झुकाया। अल्बानीज ने बताया कि सलाह-मशविरे और कैबिनेट बैठक के बाद यह कदम उठाया गया। वर्जीनिया बेल को 2026 तक रिपोर्ट देने का निर्देश है।
यह जांच ऑस्ट्रेलिया के बहुलवादी समाज को मजबूत बनाने का अवसर है, जहां नफरत और हिंसा की जड़ों को काटा जा सके।