निकोलस मादुरो की गिरफ्त के बाद अमेरिका ने रूस को करारा जवाब दिया है। ब्रिटिश सहयोग से अटलांटिक में रूसी टैंकर मारिनेरा और कैरेबियन में एमटी सोफिया पर कब्जा कर लिया गया। इससे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हलचल मच गई है।
मारिनेरा, जो पहले बेला-1 था, अवैध ईरानी तेल ढोने के लिए कुख्यात था। अमेरिकी नौसेना ने हफ्तों की ताकझांक के बाद इसे पकड़ा। खुफिया जानकारी के मुताबिक, रूस ने इसकी हिफाजत के लिए पानी के नीचे पनडुब्बी तैनात की थी।
लंदन ने अमेरिका की मदद खुलेआम कबूल की, जो नाटो की एकजुटता दिखाता है। यूएस कोस्ट गार्ड कटर मुनरो ने अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, साउदर्न कमांड ने सोफिया को चकमा देकर पकड़ा, जो प्रतिबंधित नेटवर्क का हिस्सा था।
वेनेजुएला का तेल व्यापार अब बुरी तरह प्रभावित हो गया है। रूस भड़क उठा है और कूटनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। एनालिस्ट फर्म केप्लर के अनुसार, जब्त टैंकर खाली थे, लेकिन इनकी भूमिका संदिग्ध है।
यह घटनाक्रम वैश्विक शिपिंग की कमजोरियों को उजागर करता है। पुराने जहाजों से बने ये छाया फ्लीट प्रतिबंधों को धता बताते हैं। आने वाले दिनों में जांच से बड़े राज खुल सकते हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करेंगे।