अमेरिका के मिनियापोलिस में आईसीई एजेंट द्वारा 37 वर्षीय रेनी गुड पर गोलीबारी ने पूरे देश को हिला दिया। ट्रंप प्रशासन ने इसे आत्मरक्षा करार दिया है। सड़क पर गाड़ी रोककर खड़ी महिला को एजेंटों ने रोका, फिर हालात बिगड़ गए।
मिनियापोलिस पुलिस चीफ ने बताया कि एसयूवी सड़क ब्लॉक कर रही थी। एजेंटों के इशारे पर गाड़ी चली तो फायरिंग हुई। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर वीडियो विश्लेषण किया- आंदोलनकारी चीख रही थी, ड्राइवर रुकावट डाल रही थी और हिंसक तरीके से एजेंट पर भड़की।
राष्ट्रपति ने वामपंथी कट्टरवादियों को जिम्मेदार ठहराया जो एजेंट्स को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कानून की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। वेंस ने कहा, हम और सख्ती से कानून लागू करेंगे।
परिवार ने सफाई दी कि रेनी विरोधी नहीं थी, बस भयभीत थी। वीडियो में गाड़ी की गति सुस्त दिखी। चश्मदीदों के दो मत हैं- एक ने खतरा बताया, दूसरे ने बल अतिरेक। डेमोक्रेट्स ने छापों की आलोचना की।
प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। यह मामला अमेरिकी समाज में गहरे विभाजन को दर्शाता है जहां प्रवासन, सुरक्षा और मानवाधिकार टकरा रहे हैं। पूर्ण जांच के इंतजार में बहस तेज हो गई है।