रूस और अमेरिका के बीच समुद्री सीमा पर नया विवाद भड़क गया है। अमेरिका ने रूसी तेल टैंकर मैरिनेरा के चालक दल पर आपराधिक आरोप लगाने का ऐलान किया है, जो कथित रूप से प्रतिबंधित तेल ढो रहा था। अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि कोस्ट गार्ड के निर्देश न मानने वालों की जांच होगी और दोषियों पर मुकदमा चलेगा।
उन्होंने अन्य जहाजों को भी आगाह किया कि संघीय नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मैरिनेरा को बेला-1 भी कहा जाता है और इसे वेनेजुएला से तेल लाने के संदेह में पकड़ा गया।
मॉस्को से प्रतिक्रिया आई तो विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी कर्मियों की जहाज पर चढ़ने की खबरों पर पूरी नजर है। रूस ने अपने नागरिकों के मानवाधिकारों की रक्षा और जल्द रिहाई की मांग की है।
घटना की शुरुआत 7 जनवरी को हुई जब दो टैंकर जब्त किए गए—एक रूसी मैरिनेरा उत्तरी अटलांटिक में और दूसरा सोफिया कैरिबियन सागर में। व्हाइट हाउस ने संकेत दिया कि क्रू अमेरिका लाया जा सकता है।
रूसी परिवहन मंत्रालय ने यूएन के 1982 समुद्री कानून का हवाला देकर अमेरिकी कदम को गलत ठहराया। यह टकराव अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में प्रतिबंध प्रवर्तन की चुनौतियों को उजागर करता है।