बलूचिस्तान के नसीराबाद में नोतल इलाके में बुधवार को खतरनाक साजिश रचने वाले अज्ञात तत्वों ने मुख्य रेलवे ट्रैक पर आईईडी फोड़ा। क्वेटा-पेशावर मार्ग पर यह धमाका जाफर एक्सप्रेस के आने से ठीक पहले हुआ, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
ट्रैक का हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ, लेकिन कोई जानी नुकसान नहीं। सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं, इलाके की तलाशी ली जा रही है। रेल सेवाएं रुकीं, मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है।
यह सिलसिला नया नहीं। दिसंबर में डेरा मुराद जमाली में बम विस्फोट से ट्रैक उड़ा, एक अन्य डिवाइस निष्क्रिय की गई। बोलान के आब-ए-गुम में जाफर एक्सप्रेस पर गोलीबारी हुई। शिकारपुर धमाके में सात यात्री घायल हुए।
मार्च 2024 में बीएलए ने धबर में ट्रैक उड़ाकर ट्रेन रोक ली, सैकड़ों को बंधक बनाया और सुरक्षा कर्मियों की हत्या का दावा किया। बलूच विद्रोही आर्थिक नस को निशाना बना रहे हैं।
प्रशासन जांच में जुटा है, दोषियों को सजा दिलाने का ऐलान किया। क्षेत्र में शांति के लिए सुरक्षा मजबूत करने के साथ राजनीतिक संवाद जरूरी है, वरना ऐसी घटनाएं जारी रहेंगी।