गुजरांवाला में पीएमएमएल इवेंट पर हमास नेता नाजी जहीर और लश्कर कमांडर राशिद अली संधू की तस्वीरें वायरल हो गईं। यह मुलाकात फिलिस्तीनी गुट और कश्मीरी जिहादियों के बीच नई साझेदारी की ओर इशारा करती है। संधू पीएमएमएल के जरिए लश्कर को राजनीतिक ढाल देता है।
जहीर की पाकिस्तान यात्राओं का सिलसिला लंबा है। 2025 में पीओके दौरा, पहलगाम अटैक से पहले लश्कर-जैश संग रैली। 2024 में कराची और इस्लामाबाद विजिट्स। अक्टूबर 2023 के बाद: फजल-उर-रहमान मुलाकात, पेशावर स्पीच, क्वेटा कॉन्फ्रेंस, मशाल के साथ कराची।
पाकिस्तान आतंक के पनाहगार के रूप में जाना जाता है। आईएसआई ट्रेनिंग और हथियारों की रिपोर्ट्स गंभीर हैं। गुजरांवाला वीडियो इस गठबंधन को बेनकाब करता है।
भारत को सतर्क रहना होगा। यह लिंक कश्मीर और मिडिल ईस्ट के खतरों को जोड़ सकता है। सरकार को बॉर्डर सिक्योरिटी मजबूत करनी चाहिए।
दुनिया को पाकिस्तान पर दबाव बनाना होगा। आतंकी नेटवर्क को कुचलने के लिए ठोस कदम जरूरी हैं। यह सिलसिला रुकना चाहिए।