बर्लिन में बिजली का भयानक संकट गहरा गया है, जहां दक्षिण-पश्चिम के हिस्सों में चौथे दिन भी अंधेरा छाया हुआ है। शनिवार को पावर स्टेशन के केबल में लगी आग ने 45,000 आवासों और 2,200 कारोबारों को अंधेरे में धकेल दिया। अब भी 24,700 घर और 1,120 प्रतिष्ठान बिना बिजली के हैं।
स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने बताया कि निकोलासी, जेहलेंडोर्फ, वानसी व लिक्टरफेल्ड में मरम्मत कार्य जटिल है। गुरुवार की बहाली योजना विफल रही। अस्पताल सेवाएं रविवार से बहाल हो चुकी हैं, लेकिन बर्फबारी और सर्दी ने निवासियों को परेशान कर रखा है।
स्थानीय निवासी क्रिस्टियन के घर का तापमान 11.5 डिग्री पर अटक गया। उन्होंने कहा, ‘इतनी ठंड सहना मुश्किल है।’ वल्कनग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी ली। मेयर वेगनर ने मंगलवार को इसे ‘वामपंथी आतंकवाद’ बताया।
जांच में आतंकी सदस्यता, आगजनी जैसे आरोप शामिल हैं। सेनेटर स्प्रेंगर ने हमले को सोची-समझी साजिश कहा। बर्लिन की यह घटना यूरोप में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, जहां चरमपंथी खतरों से निपटना जरूरी हो गया है।