विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लक्जमबर्ग से वेनेजुएला के ताजा संकट पर भारत की प्रतिक्रिया दी। अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद उन्होंने सभी संबंधित दलों से तत्काल संवाद शुरू करने की मांग की, ताकि आम जनता सुरक्षित रहे।
कार्यक्रम में जयशंकर बोले, “हाल की घटनाएं चिंताजनक हैं। सभी को एकजुट होकर वेनेजुएला की जनता के भले के लिए समाधान खोजना चाहिए।”
भारत के पुराने मित्र देश वेनेजुएला के साथ गहरे संबंधों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “हमारे रिश्ते लंबे समय से मजबूत हैं। चाहे परिस्थितियां जैसी भी हों, वेनेजुएलियाई लोग सुरक्षित निकलें, यही हमारी कामना है।”
अमेरिकी अभियान 3 जनवरी को चला, जिसमें मादुरो दंपति को पकड़ा गया। न्यूयॉर्क में बंदूकों के पीछे मादुरो सोमवार को कोर्ट पहुंचे। डेल्सी रोड्रिग्ज अंतरिम प्रमुख बनी हुई हैं।
मंत्रालय के बयान में उल्लेखित, “संकट गहरा है। दूतावास भारतीय समुदाय की हर सहायता कर रहा। हम बातचीत से शांति बहाल करने का आह्वान करते हैं।”
यह बयान भारत की कूटनीतिक परिपक्वता को प्रतिबिंबित करता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सकारात्मक योगदान दे सकता है।