ईरान की सड़कों पर आर्थिक संकट का गुस्सा फूट पड़ा है। विरोधी प्रदर्शनों में सुरक्षाबलों की कार्रवाई से 27 लोगों की जान चली गई, जिसमें बच्चे भी शुमार हैं। अबदानान में वीडियो वायरल होने से साफ है कि परिवार समेत लोग सड़कों पर हैं, हेलीकॉप्टर मंडरा रहे हैं।
पिछले हफ्ते से इलाम में लगातार हंगामा। मानवाधिकार संगठन ने 27 मौतों की पुष्टि की। ईरानी मीडिया ने पुलिसकर्मी की हत्या स्वीकारी। खामेनेई ने कड़ी चेतावनी दी।
दुकानों के बंद होने से शुरू हुए आंदोलन ने तेहरान तक जद पकड़ ली। महंगाई के खिलाफ गुस्सा साफ दिख रहा। एमनेस्टी ने निंदा की। रजा पहलवी की अपील से नया मोड़। 2022-23 से बड़ा यह विद्रोह बदलाव की बयार ला सकता है।