अमेरिकी संवैधानिक जानकार माइकल ओ’नील का कहना है कि निकोलस मादुरो की पकड़ पूरी तरह वैध है और अदालतों में चुनौती सफल नहीं हो पाएगी। यह कार्रवाई संविधान के अनुरूप है।
मादुरो को विदेशी नेता नहीं, बल्कि अपराधी माना गया है। अमेरिका उन्हें नार्को-टेरर कार्टेल का मुखिया मानता है, जो अमेरिकी हितों पर हमला करता है। 2020 के आरोपों के बाद न्यूयॉर्क कोर्ट में केस है। दोनों अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने उनकी वैधता अस्वीकार की।
आर्टिकल II राष्ट्रपति को कानून प्रवर्तन का अधिकार देता है। आरोप तय होने पर गिरफ्तारी जरूरी। संप्रभुता के तर्क विफल होंगे, क्योंकि मान्यता नहीं। नोरिएगा का केस प्रमाण है।
ऑपरेशन में सेना का उपयोग सुरक्षित रखने के लिए सही। मादुरो को ट्रायल, वकील और अपील का मौका मिलेगा। सजा लंबी हो सकती है। मूल मुद्दा कानून का पालन है, जिसमें सरकारी पक्ष अटल है।