अमेरिका के वेनेजुएला अभियान पर पूर्व पेंटागन प्रवक्ता ने गंभीर सवाल उठाए हैं। डेव लापन, जो कभी पेंटागन प्रेस सेक्रेटरी रहे, ने चेताया कि अस्पष्टता और विरोधाभासी दावे वैश्विक मंच पर अमेरिकी भरोसे को चोट पहुंचा रहे हैं।
इंटरव्यू में लापन ने ऑपरेशन के मकसद पर उंगलें उठाईं—ड्रग माफिया, तेल या तख्तापलट? सरकार के बदलते बयान आम अमेरिकियों से लेकर दुनिया भर तक को भ्रमित कर रहे।
इराक-अफगानिस्तान से अलग, यहां कांग्रेस को भनक तक न लगी। छोटा ऑपरेशन होने पर भी मौतें हुईं, बिना पूर्वानुमति। कानूनी तौर पर ‘पुलिस कार्रवाई’ का बहाना नाकाफी।
प्रचार तंत्र भी लड़खड़ा गया—पेंटागन की टीम खत्म, चीफ्स व्हाइट हाउस में ब्रीफिंग दे रहे। इससे सैन्य भूमिका पर विवाद।
विदेशी साझेदार हक्के-बक्के: क्या अब अमेरिका पर यकीन करें? लापन ने कहा, ‘यह साख का सीधा नुकसान है। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति।’
ऐसे कदम अमेरिका को अकेला कर सकते हैं, जहां पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी हो गई है।