अमेरिका ने 2026 की शुरुआत में वेनेजुएला पर हमला कर मादुरो दंपति को पकड़ लिया। ट्रंप जहां दुनिया भर में शांति का दावा कर नोबेल पर निशाना साध रहे हैं, वहीं यह आक्रामक कदम रूस-यूक्रेन विवाद सुलझाने की उनकी कोशिशों पर सवाल खड़े करता है।
जॉन बोल्टन ने कहा, ‘यूक्रेन में रूस ने ट्रंप की मदद की, लेकिन कोई सौदा यूक्रेन को मंजूर नहीं होगा। नोबेल के लिए जल्द डील असंभव। ट्रंप पिछली तरह हट सकते हैं।’
वेनेजुएला को बोल्टन ने विदेशी खतरों का केंद्र बताया। रूस, चीन, ईरान व क्यूबा ने मादुरो के जुल्म के दौरान इसे इस्तेमाल किया। सऊदी से बड़े तेल भंडारों वाला देश रूस के लिए सुरक्षित अड्डा। क्यूबा तेल पर निर्भर। चीन 80 फीसदी तेल लेता है, बुनियादी ढांचे में निवेश की योजना। ईरान काराकास में बड़ा दूतावास चला रहा, अवैध तेल बिक्री से पैसा सफेद करता और यूरेनियम पर नजर।
ये गतिविधियां अमेरिका के लिए जोखिम। ट्रंप का संदेश साफ है, लेकिन यूक्रेन शांति अब जटिल। बोल्टन का मानना है कि नोबेल सपना दूर है।