सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में भारत द्वारा मान्यता दिए जाने की खबरों पर विदेश मंत्रालय ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इन दावों का खंडन किया है और जनता को गुमराह न होने की अपील की है। गौरतलब है कि इजरायल ने हाल ही में सोमालीलैंड को मान्यता दी है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके समर्थन और विरोध की लहर शुरू हो गई है। इसी बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जाने लगा कि भारत भी अपने कूटनीतिक फायदों के लिए सोमालीलैंड का समर्थन करेगा। सोमालीलैंड 1991 में तानाशाह सियाद बर्रे के शासन के पतन के बाद सोमालिया से अलग हुआ था। इसकी आबादी लगभग 62 लाख है और यहां मुख्य रूप से सोमाली, अरबी और अंग्रेजी भाषाएं बोली जाती हैं। हालांकि, इजरायल के इस फैसले का पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और ओआईसी (OIC) जैसे मुस्लिम देशों ने कड़ा विरोध किया है। भारत ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल ऐसी किसी भी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है और प्रसारित हो रही सूचनाएं केवल निराधार अटकलें हैं।
Trending
- जापान में भूकंप: नोडा तट पर 6.0 की तीव्रता, सुनामी का खतरा नहीं
- अमेरिकी रिपोर्ट: 2026 में भारत-पाकिस्तान, अफगान-पाक में युद्ध की आशंका
- भारत-बांग्लादेश जल संधि: फरक्का समझौते की अहमियत और भविष्य पर बहस
- नए साल का तोहफा: IGL ने PNG ₹0.70/SCM सस्ता किया
- आतंकवाद से भड़केगा भारत-पाकिस्तान युद्ध? 2026 की चिंताजनक भविष्यवाणी
- जेपी जेल से तीन कैदियों का फरार होना, झारखंड में सुरक्षा पर सवाल
- 14,100 लोगों पर आरपीएफ का शिकंजा: रेल सुरक्षा में अभूतपूर्व कार्रवाई
- दिल्ली-NCR कोहरे की चपेट में: उड़ानों और ट्रेनों का संचालन ठप, यात्री परेशान
