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    Home»World»जापान में बढ़ा भूकंपीय खतरा: 7.5 तीव्रता के झटके के बाद ‘मेगाक्वेक’ की चेतावनी
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    जापान में बढ़ा भूकंपीय खतरा: 7.5 तीव्रता के झटके के बाद ‘मेगाक्वेक’ की चेतावनी

    Indian SamacharBy Indian SamacharDecember 10, 20253 Mins Read
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    जापान ने मंगलवार को 7.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद एक दुर्लभ ‘मेगाक्वेक एडवाइजरी’ जारी कर दी है। यह भूकंप होक्काइडो के निकट पूर्वी तट पर महसूस किया गया। सोमवार के भूकंप से भले ही फिलहाल हल्की क्षति हुई हो और 34 लोग घायल हुए हों, लेकिन इस चेतावनी ने एक बड़े भूकंपीय घटना के जोखिम को बढ़ा दिया है।

    जापान मौसम एजेंसी (JMA) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कोई भविष्यवाणी नहीं है, लेकिन एक गंभीर चेतावनी है। इस क्षेत्र में 8 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप की आशंका एक फीसदी बताई गई है। इस अलर्ट का उद्देश्य लोगों को 2011 की विनाशकारी सुनामी और भूकंप की याद दिलाना है, जिसमें लगभग 20,000 लोगों की जान गई थी, और भविष्य की किसी भी बड़ी आपदा के लिए तैयारी को मजबूत करना है।

    क्यों है विशेष चिंता?

    JMA के मुताबिक, सोमवार को आए 7.5 तीव्रता के भूकंप ने होक्काइडो-सानरिकु तट पर भूकंपीय गतिविधि के खतरे को बढ़ा दिया है। यह इलाका प्रशांत प्लेट के जापान के नीचे खिसकने के कारण भूवैज्ञानिक रूप से बहुत सक्रिय है, जहां जापान ट्रेंच और चिशिमा ट्रेंच स्थित हैं। यही क्षेत्र जापान के इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों का गवाह रहा है।

    2011 का फुकुशिमा हादसा: जानकारों का कहना है कि 2011 का 9.0 तीव्रता का महाभूकंप, जिसने फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में तबाही मचाई थी, वह भी जापान ट्रेंच के पास हुई हलचल के कारण ही आया था।

    भूकंपों के पैटर्न में समानता: JMA ने इस हफ्ते के भूकंप और 2011 के महाभूकंप से पहले के झटकों के बीच एक खतरनाक समानता पाई है। 2011 के बड़े भूकंप से ठीक दो दिन पहले इसी क्षेत्र में 7.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जो इस बार के पैटर्न से मिलता-जुलता है।

    सरकार ने होक्काइडो से चिबा प्रान्त तक के 182 तटीय नगर पालिकाओं के निवासियों से अत्यंत सतर्क रहने, आपातकालीन किट तैयार रखने और किसी भी समय निकासी के लिए तैयार रहने की अपील की है।

    संभावित विनाशकारी परिणाम

    सरकार का अनुमान है कि यदि इस क्षेत्र में एक बड़ा भूकंप आता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। संभावित खतरों में 30 मीटर (लगभग 98 फीट) ऊंची सुनामी लहरें, 199,000 तक लोगों की मृत्यु, 220,000 इमारतों का ध्वस्त होना और लगभग 31 ट्रिलियन येन (198 बिलियन डॉलर) का भारी आर्थिक नुकसान शामिल है। ठंड के मौसम को देखते हुए, लगभग 42,000 लोग हाइपोथर्मिया का शिकार हो सकते हैं।

    पिछली चेतावनियों से सबक

    यह वर्तमान ‘मेगाक्वेक एडवाइजरी’ पिछले साल जारी की गई एक समान चेतावनी से अधिक केंद्रित और स्पष्ट है। पिछले साल दक्षिणी जापान के लिए जारी ‘नंकाई ट्रफ’ एडवाइजरी ने अनावश्यक भय और अव्यवस्था फैलाई थी। इस बार, JMA ने केवल होक्काइडो-सानरिकु तटीय क्षेत्र पर अपना ध्यान केंद्रित किया है, ताकि अधिक सटीक चेतावनी दी जा सके।

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