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    अंतरतारकीय धूमकेतु 3I/ATLAS: मंगल के पास से गुज़रा, नासा-इसरो ने कैद की अद्भुत तस्वीरें

    Indian SamacharBy Indian SamacharNovember 22, 20254 Mins Read
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    अंतरिक्ष की विशालता से आया एक अनोखा यात्री, अंतरतारकीय धूमकेतु 3I/ATLAS, हमारे सौर मंडल से होकर गुज़र रहा है, और इस असाधारण घटना को नासा और इसरो के संयुक्त प्रयासों से ट्रैक किया जा रहा है। यह धूमकेतु 130,000 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है, जो इसे अब तक ट्रैक किए गए किसी भी वस्तु से कहीं अधिक तेज़ बनाता है। भारत की माउंट आबू वेधशाला और नासा के कई अंतरिक्ष यानों ने मिलकर इस खगोलीय अजूबे को कैद किया है। यह ‘ओउमुआमुआ (ʻOumuamua) और बोरिसोव (Borisov) के बाद तीसरा पुष्ट अंतरतारकीय आगंतुक है।

    19 नवंबर को, इसरो ने अपनी वेधशाला से ली गई स्पष्ट तस्वीरें जारी कीं, जबकि नासा ने अपने मिशनों से मिले डेटा को साझा किया, जिससे मंगल ग्रह के करीब से गुज़रते धूमकेतु के अभूतपूर्व नज़ारे देखने को मिले।

    **नासा के मंगल ऑर्बिटर्स ने धूमकेतु को नज़दीक से देखा:**

    इस शरद ऋतु में जब 3I/ATLAS लाल ग्रह के पास पहुंचा, तो नासा के तीन अंतरिक्ष यानों – मार्स रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (MRO), MAVEN, और Perseverance – ने इसे अपने कैमरों में कैद किया। MRO ने 19 मिलियन मील (30 मिलियन किमी) की दूरी से धूमकेतु के नाभिक को घेरते हुए कोमा (gas and dust cloud) के विकास को दिखाया। यह सौर विकिरण के कारण नाभिक के गर्म होने का परिणाम है।

    **MAVEN ने जल-बर्फ की उपस्थिति की पुष्टि की:**

    नासा के MAVEN अंतरिक्ष यान ने अपने अल्ट्रावायलेट उपकरणों का उपयोग करके एक विस्तृत हाइड्रोजन प्रभामंडल का पता लगाया। यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे धूमकेतु सूर्य के करीब आया, उसकी जल-बर्फ का उर्ध्वपातन (sublimation) तेज़ी से हुआ। यह प्रमाण इस बात की पुष्टि करता है कि 3I/ATLAS में मौजूद जल हमारे सौर मंडल के बाहर, किसी दूसरी तारा प्रणाली से आया है।

    **मंगल की सतह से Perseverance ने भी दर्ज किया:**

    मंगल की सतह पर मौजूद नासा के Perseverance रोवर ने भी इस अंतरतारकीय आगंतुक को देखा। धूमकेतु से लगभग 30 मिलियन किमी की दूरी पर, रोवर के Mastcam-Z कैमरे ने आकाश में एक हल्की सी लकीर के रूप में 3I/ATLAS को रिकॉर्ड किया। यह आधुनिक खगोल विज्ञान की क्षमताओं का एक शानदार प्रदर्शन है।

    **नासा के सौर मिशनों ने छिपी हुई पूंछ संरचनाओं को उजागर किया:**

    जब धूमकेतु सूर्य के और नज़दीक आया, तो नासा के सूर्य-निगरानी अंतरिक्ष यानों – STEREO, SOHO, और PUNCH – ने उसकी पूंछ की बारीक संरचनाओं को कैद करने में मदद की। उन्नत इमेजिंग तकनीकों का उपयोग करके, वैज्ञानिकों ने सौर हवाओं द्वारा निर्मित उन सूक्ष्म विवरणों को देखा, जो ज़मीनी दूरबीनों की पकड़ से बाहर थे।

    **Lucy और Psyche ने दूर से की कक्षा की मैपिंग:**

    अंतरिक्ष में दूर स्थित नासा के दो मिशन, Psyche और Lucy, ने भी 3I/ATLAS की कक्षा को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Psyche ने सितंबर में 33 मिलियन मील की दूरी से अवलोकन दर्ज किए, जबकि Lucy ने 16 सितंबर को 240 मिलियन मील की दूरी से तस्वीरें लीं। इन आंकड़ों से धूमकेतु के पथ और कोमा की विशेषताओं का सटीक अनुमान लगाया जा सका।

    **इसरो की माउंट आबू वेधशाला ने ज़मीनी आंकड़े जुटाए:**

    भारत की ओर से, इसरो के भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) ने 12 से 15 नवंबर के बीच माउंट आबू की 1.2 मीटर वेधशाला का उपयोग करके धूमकेतु की स्पष्ट ऑप्टिकल छवियां प्राप्त कीं। इन तस्वीरों में एक गोल कोमा दिखा, और स्पेक्ट्रोस्कोपिक विश्लेषण से CN, C₂, और C₃ जैसे रसायनों के निशान मिले, जो धूमकेतुओं की सक्रियता के सूचक हैं।

    **3I/ATLAS का महत्व:**

    अंतरतारकीय वस्तुएं बेहद दुर्लभ हैं। 3I/ATLAS जैसी वस्तुएं हमें अन्य तारा प्रणालियों में ग्रह निर्माण की प्रक्रियाओं को समझने, विभिन्न खगोलीय वातावरणों की रासायनिक संरचना की तुलना करने और अंतरतारकीय सामग्री के व्यवहार का अध्ययन करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती हैं। यह धूमकेतु हमारे सौर मंडल से इतनी तेज़ी से गुज़र रहा है कि यह इसमें नहीं रह सकता, लेकिन नासा और इसरो द्वारा एकत्र किया गया डेटा हमें ब्रह्मांड की गहराइयों को समझने में मदद करता रहेगा।

    Astronomy astrophysics Comet 3I/ATLAS Comet Observation Interstellar Comet ISRO Mars NASA Solar System Space Exploration
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