यूरोप महाद्वीप एक गंभीर जनसांख्यिकीय संकट की चपेट में है, जहाँ जनसंख्या में अप्रत्याशित गिरावट देखी जा रही है। स्पेन में 2024 में जन्म दर अपने निम्नतम स्तर पर पहुँच गई है, केवल 3,18,005 बच्चे पैदा हुए। महिलाओं द्वारा देर से विवाह और बच्चे पैदा करने के निर्णय, करियर आकांक्षाओं, बढ़ती लागत और आर्थिक दबावों का सीधा परिणाम हैं। स्पेन की प्रजनन दर 1.10 है, जो जनसंख्या के निरंतरता के लिए आवश्यक 2.1 के स्तर से आधी से भी कम है।
यह स्थिति केवल स्पेन तक ही सीमित नहीं है; इटली (1.2 प्रजनन दर) और पोलैंड (1.3 प्रजनन दर) भी इसी संकट से गुजर रहे हैं। युवा पीढ़ी के विदेशों में बेहतर अवसरों की तलाश में पलायन करने से गांवों में सन्नाटा छा रहा है और मकान बिना बिके रह जा रहे हैं। बढ़ती बुजुर्ग आबादी और घटती युवा आबादी के बीच का असंतुलन यूरोपीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञ चिंतित हैं कि यदि वर्तमान रुझान जारी रहा, तो 2100 तक यूरोप की आधी आबादी गायब हो सकती है।
स्पेन में, 2024 में मौतों की संख्या जन्मों से 1,16,000 से अधिक रही, जिससे जनसंख्या में स्वाभाविक गिरावट आई। देशी स्पेनिश महिलाओं द्वारा जन्म दर में पिछले दशक में 25.6% की कमी आई है, और वे औसतन 33.2 वर्ष की आयु में माँ बन रही हैं। सरकारी प्रोत्साहन, जैसे कि वित्तीय सहायता या मातृत्व अवकाश, इस प्रवृत्ति को बदलने में अप्रभावी साबित हो रहे हैं।
यह ‘जनसांख्यिकीय संक्रमण’ का एक स्पष्ट संकेत है, जहाँ आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति के साथ जन्म दरें स्वाभाविक रूप से गिरती हैं। उच्च शिक्षा, करियर को प्राथमिकता देना, आवास और बच्चों के पालन-पोषण का बढ़ता खर्च, और नौकरी की अनिश्चितता, इन सभी कारकों ने युवा पीढ़ी को बच्चे पैदा करने से हतोत्साहित किया है। इसके अतिरिक्त, तलाक की बढ़ती दरें, एकल-माता-पिता वाले परिवारों की वृद्धि, और कमजोर सामाजिक बंधन भी छोटे परिवारों के चलन को बढ़ावा दे रहे हैं।
बढ़ती उम्र की आबादी के कारण सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। कम युवा कार्यबल का मतलब है कम कर राजस्व और पेंशनभोगियों के लिए अपर्याप्त समर्थन। भविष्य में स्कूलों के बंद होने और अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। प्रवासन, जो अतीत में जनसंख्या संतुलन बनाए रखने में सहायक था, अब सख्त नीतियों के कारण सीमित है। यदि यूरोप को इस संकट से उबरना है, तो उसे बच्चे पैदा करने के लिए अनुकूल माहौल बनाने, प्रवासन नीतियों में सुधार करने और युवा पीढ़ी के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाने होंगे।
