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    Home»World»IMF की चेतावनी: अमेरिकी कर्ज इटली-ग्रीस से भी आगे, वित्तीय संकट का खतरा
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    IMF की चेतावनी: अमेरिकी कर्ज इटली-ग्रीस से भी आगे, वित्तीय संकट का खतरा

    Indian SamacharBy Indian SamacharOctober 30, 20254 Mins Read
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    अमेरिका एक ऐसे वित्तीय मोड़ पर खड़ा है, जिसे पिछले सौ सालों में नहीं देखा गया। देश पर कर्ज का बोझ रिकॉर्ड तोड़ रहा है, और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने आगाह किया है कि अमेरिका जल्द ही इटली और ग्रीस जैसे देशों की तरह कर्ज के दलदल में फंस सकता है। IMF की भविष्यवाणियों के अनुसार, 2035 तक अमेरिका का सरकारी कर्ज सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 143.4% हो जाएगा, जो वर्तमान में 123% के आंकड़े से काफी अधिक है। यह स्थिति इटली के 137% और ग्रीस के 130% के कर्ज के स्तर को भी पीछे छोड़ देगी, जो दोनों देश लंबे समय से अपने भारी सार्वजनिक कर्ज के लिए जाने जाते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव वैश्विक वित्तीय संतुलन में एक महत्वपूर्ण उलटफेर का सूचक होगा। अमेरिका की एक बड़ी समस्या यह है कि देश का खर्च आय से कहीं ज्यादा बढ़ रहा है, जबकि राजस्व में वृद्धि धीमी है। सरकारी बजट का एक बड़ा हिस्सा अब ब्याज भुगतान पर खर्च हो रहा है, जो परिवहन और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के कुल खर्च से भी अधिक है। एक अनुमान के अनुसार, ब्याज दरों में हर 1% की वृद्धि से अमेरिका का वार्षिक उधार लेने का खर्च लगभग 380 बिलियन डॉलर बढ़ जाता है।

    IMF की रिपोर्ट दर्शाती है कि अमेरिका का बजट घाटा 2035 तक लगातार 7% जीडीपी से ऊपर बना रहेगा। इतनी लंबी अवधि तक इस स्तर के गहरे घाटे का सामना करने वाली कोई अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्था नहीं है। इस बढ़ते घाटे के पीछे कई कारण हैं, जिनमें महंगी कर नीतियां, सेवानिवृत्ति और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े बढ़ते दायित्व, रक्षा खर्च में वृद्धि और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण कर्ज की लागत का बढ़ना शामिल है।

    इसके विपरीत, यूरोप में इटली और ग्रीस ने वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारना शुरू कर दिया है। इटली का कर्ज का स्तर लगभग 137% पर स्थिर रहने की उम्मीद है, जबकि ग्रीस का कर्ज 2030 तक 130.2% तक कम होने का अनुमान है। IMF की माने तो अमेरिका बिल्कुल विपरीत दिशा में जा रहा है। जहां अन्य देश अपने वित्तीय घाटे को कम कर रहे हैं, वहीं अमेरिका में आर्थिक वृद्धि धीमी होने के बावजूद असंतुलन बढ़ रहा है।

    विशेषज्ञों का तर्क है कि अमेरिका का बढ़ता कर्ज भविष्य में किसी भी आर्थिक मंदी, प्राकृतिक आपदा या युद्ध की स्थिति में सरकार की प्रतिक्रिया देने की क्षमता को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है। उच्च कर्ज से वित्तीय लचीलापन कम हो जाता है और ब्याज भुगतान में अधिक पैसा खर्च होने से बुनियादी ढांचे, शिक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे आवश्यक क्षेत्रों के लिए धन कम पड़ जाता है।

    आंकड़े बताते हैं कि अमेरिकी सरकार का 80% से अधिक कर्ज अगले दस वर्षों में परिपक्व होने वाला है। इसके कारण बाजार लगातार उच्च ब्याज दरों की मांग कर रहे हैं, जिससे सरकार पर और अधिक दबाव पड़ रहा है। कांग्रेस बजट कार्यालय का अनुमान है कि 2035 तक ब्याज भुगतान बढ़कर लगभग 1.8 ट्रिलियन डॉलर प्रति वर्ष हो सकता है।

    यह सच है कि अमेरिका को अभी भी डॉलर की वैश्विक शक्ति और मजबूत वित्तीय बाजारों का लाभ मिल रहा है। लेकिन IMF इस बात पर जोर देता है कि इन लाभों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। देश की विश्वसनीयता जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन पर निर्भर करती है। राष्ट्रीय ऋण में लगातार वृद्धि हो रही है; पिछले एक साल में ही यह 2.18 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया है। IMF इस स्थिति को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए ‘अज्ञात क्षेत्र’ के रूप में वर्णित कर रहा है। वित्तीय जानकारों का कहना है कि इस संकट से निकलने के लिए सरकारी खर्च में कटौती, कर प्रणाली में सुधार और दीर्घकालिक आर्थिक विकास की योजनाओं पर तत्काल ध्यान देना होगा।

    अमेरिका का कर्ज संकट अब दूर का खतरा नहीं, बल्कि एक गंभीर वास्तविकता बन चुका है। वह समय जब अमेरिकी कर्ज का स्तर इटली और ग्रीस को पार करेगा, एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षण होगा। यदि वाशिंगटन ने जल्द ही अपनी वित्तीय नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत ही खतरनाक भविष्य का संकेत हो सकता है।

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