Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    विजय महतो का शव सऊदी से लौटा, मुआवजे की गारंटी न मिलने पर परिवार ने मना किया

    February 16, 2026

    भारत में कैश का चलन बढ़ा: 40 लाख करोड़ पहुंचा सर्कुलेशन, यूपीआई के बावजूद

    February 16, 2026

    राम कदम का तंज: उद्धव सेना बनी सोनिया की कठपुतली

    February 16, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Indian Samachar
    • World
    • India
      • Chhattisgarh
      • Jharkhand
      • Madhya Pradesh
      • Bihar
    • Entertainment
    • Tech
    • Business
    • Health
    • Articles
    • Sports
    Indian Samachar
    Home»World»IMF की चेतावनी: अमेरिका का कर्ज इटली-ग्रीस से भी बदतर
    World

    IMF की चेतावनी: अमेरिका का कर्ज इटली-ग्रीस से भी बदतर

    Indian SamacharBy Indian SamacharOctober 30, 20254 Mins Read
    Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने संयुक्त राज्य अमेरिका के वित्तीय भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सरकार पर कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ रहा है और यह जल्द ही इटली और ग्रीस जैसे देशों की तुलना में बदतर स्थिति में पहुंच सकता है, जो पहले से ही अपने भारी ऋण के लिए जाने जाते हैं। IMF का अनुमान है कि 2035 तक अमेरिकी सरकारी सकल ऋण सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 143.4% तक पहुंच जाएगा, जो वर्तमान में 123% (2024) है।

    यह आंकड़ा यूरोपीय देशों इटली (137% अनुमानित) और ग्रीस (2030 तक 130.2% अनुमानित) के कर्ज के स्तर को पार कर जाएगा। IMF के अनुसार, अमेरिका अभूतपूर्व वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसमें बजट घाटा लगातार 7% से ऊपर बना रहेगा, जो किसी भी अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंता का विषय है।

    इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें अप्रभावी कर नीतियां, बढ़ती सेवानिवृत्ति और स्वास्थ्य सेवा की लागत, रक्षा व्यय में वृद्धि, और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण बढ़ा हुआ उधार खर्च शामिल है। अमेरिका की वार्षिक ब्याज भुगतान लागत तेजी से बढ़ रही है, जो पहले से ही शिक्षा और परिवहन पर कुल सरकारी खर्च से अधिक हो गई है। विश्लेषकों का अनुमान है कि ब्याज दरों में प्रत्येक 1% की वृद्धि से देश पर सालाना 380 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

    जहां एक ओर इटली और ग्रीस वर्षों के कठिन आर्थिक सुधारों के बाद अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं अमेरिका का रास्ता विपरीत दिशा में जा रहा है। IMF का मानना है कि अमेरिका में आर्थिक वृद्धि धीमी होने के बावजूद वित्तीय असंतुलन बढ़ रहा है।

    विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यह बढ़ता कर्ज भविष्य में अमेरिका की प्रतिक्रिया क्षमता को सीमित कर सकता है। चाहे वह आर्थिक मंदी हो, प्राकृतिक आपदाएं हों, या युद्ध, उच्च ऋण स्तर सरकारी लचीलेपन को कम कर देगा। इससे बुनियादी ढांचे, शिक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश के लिए धन की कमी हो सकती है, क्योंकि ब्याज भुगतान सरकारी बजट का एक बड़ा हिस्सा खा जाएगा।

    चिंता की एक और बात यह है कि अमेरिकी सरकार के 80% से अधिक ऋण की परिपक्वता अगले दस वर्षों के भीतर होने वाली है। इसका मतलब है कि सरकार को बार-बार पुराने ऋणों को नए ऋणों से बदलना होगा, जिससे बाजार में उच्च ब्याज दर की मांग बढ़ सकती है। कांग्रेस बजट कार्यालय के अनुमानों के अनुसार, 2035 तक ब्याज भुगतान सालाना 1.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

    हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अमेरिका के पास अभी भी कुछ मजबूत आर्थिक पक्ष हैं, जैसे डॉलर की वैश्विक मुद्रा के रूप में स्थिति और उसके मजबूत वित्तीय बाजार। लेकिन IMF इस बात पर जोर देता है कि इन फायदों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। वित्तीय स्थिरता और विश्वसनीयता मजबूत, जिम्मेदार राजकोषीय प्रबंधन पर निर्भर करती है।

    पिछले एक साल में ही अमेरिका का राष्ट्रीय ऋण 2.18 ट्रिलियन डॉलर बढ़ा है। IMF इस स्थिति को “अनजान क्षेत्र” बताता है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या से निपटने के लिए खर्च में कटौती, कर प्रणाली में सुधार और दीर्घकालिक आर्थिक विकास की रणनीतियों को लागू करना अनिवार्य है।

    अमेरिका के लिए कर्ज का संकट अब केवल एक दूर की चेतावनी नहीं है, बल्कि यह वर्तमान की वास्तविकता बन चुका है। जिस क्षण अमेरिकी कर्ज का स्तर इटली और ग्रीस से आगे निकल जाएगा, वह एक प्रतीकात्मक मील का पत्थर होगा। यदि वाशिंगटन ने जल्द ही अपनी वित्तीय दिशा नहीं बदली, तो यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर और खतरनाक मोड़ साबित हो सकता है।

    Economic Crisis Fiscal Deficit Global Economy Greece Debt IMF Interest Rates Italy Debt Public Debt US Economy US National Debt
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    World

    मोदी-मैक्रों शिखर सम्मेलन: रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई दिशा

    February 16, 2026
    World

    ईरान समझौते में नेतन्याहू की कठोर मांगें, गाजा में युद्ध का खतरा

    February 16, 2026
    World

    सर्वजन हिताय थीम पर वैश्विक एआई समिट का आगाज: मोदी

    February 16, 2026
    World

    हिंद महासागर: US नौसेना ने वेनेजुएला तेल टैंकर को रोका, चढ़ गईं

    February 16, 2026
    World

    रिपोर्ट: पाकिस्तान व तुर्की इस्लामी उग्रवाद के प्रमुख प्रचारक

    February 15, 2026
    World

    जमात-ए-इस्लामी चीफ का तारिक रहमान को बीएनपी सफलता पर अभिनंदन

    February 15, 2026
    -Advertisement-
    © 2026 Indian Samachar. All Rights Reserved.
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.