Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    तमिलनाडु में 14 हजार स्कूलों पर 100 दिन की शिक्षा क्रांति

    February 16, 2026

    आगरा से पकड़े गए आरोपी को रोहित शेट्टी केस में कस्टडी

    February 16, 2026

    बंगाल में 7 एईआरओ निलंबित, सुकांत ने TMC समर्थकों को ललकारा

    February 16, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Indian Samachar
    • World
    • India
      • Chhattisgarh
      • Jharkhand
      • Madhya Pradesh
      • Bihar
    • Entertainment
    • Tech
    • Business
    • Health
    • Articles
    • Sports
    Indian Samachar
    Home»World»ब्रिटेन में बदलती जनसांख्यिकी और आप्रवासन का डर: क्या ‘गुलामी’ का खतरा?
    World

    ब्रिटेन में बदलती जनसांख्यिकी और आप्रवासन का डर: क्या ‘गुलामी’ का खतरा?

    Indian SamacharBy Indian SamacharSeptember 16, 20253 Mins Read
    Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    ब्रिटेन में भी, जहां इस्लामिक आर्मी जैसी अवधारणाएं चर्चा में हैं, चिंताएं बढ़ रही हैं। सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, और ‘आजादी’ के नारे लग रहे हैं। ब्रिटेन, जिसने कभी दुनिया पर राज किया, आज एक अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहा है। देश के मूल निवासियों को अपनी पहचान खोने और ‘गुलाम’ बनने का डर सता रहा है।

    ब्रिटिश नागरिकों का मानना है कि अप्रवासियों की बढ़ती संख्या उनकी स्वतंत्रता को छीन रही है। इसी के खिलाफ, ‘यूनाइट द किंगडम’ नाम से एक रैली निकाली गई, जिसमें लाखों लोगों ने लंदन की सड़कों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वेस्टमिंस्टर ब्रिज पर मार्च किया और ब्रिटिश झंडे लहराए। आयोजकों के अनुसार, दस लाख से अधिक लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन उन होटलों के बाहर शुरू हुआ जहां शरणार्थियों को आश्रय दिया जाता है।

    प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ‘हमें अपना देश वापस चाहिए’ और ‘अप्रवासियों को वापस भेजो’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने अवैध प्रवासियों को रोकने की मांग की और कहा कि ब्रिटिश नागरिक अब आप्रवासियों का बोझ नहीं सहेंगे और अपनी पहचान की रक्षा करेंगे।

    इस चिंता का एक कारण ब्रिटेन में मूल ब्रिटिश नागरिकों की घटती संख्या है। रिपोर्टों के अनुसार, 2050 तक, मूल ब्रिटिश नागरिकों की आबादी 57% तक कम हो जाएगी, और 2063 तक, वे अल्पसंख्यक हो जाएंगे। 2075 तक, वे कुल आबादी का केवल 44% होंगे, और सदी के अंत तक, मूल ब्रिटिश नागरिक केवल 33% होंगे।

    ब्रिटेन में आप्रवासियों की संख्या में वृद्धि हुई है। 2022 में 7 लाख 64 हजार, 2023 में 6 लाख 85 हजार आप्रवासी आए। पिछले साल 4 लाख 30 हजार आप्रवासी आए, और इस साल जून तक एक लाख से अधिक लोगों ने शरण के लिए आवेदन किया है। लोगों को लगता है कि आप्रवासी उनके आर्थिक अवसरों और सांस्कृतिक पहचान को छीन रहे हैं। ब्रिटेन में 40 लाख मुस्लिम आप्रवासी हैं, जो कुल आबादी का 6.5% हैं, जबकि 12 लाख हिंदू आप्रवासी हैं।

    मुस्लिम आबादी में तेजी से वृद्धि हुई है। 2001 में 16 लाख मुस्लिम थे, जो कुल आबादी का 3% था, अब 40 लाख मुस्लिम हैं, जो 6.5% हैं। 2050 तक 1 करोड़ 40 लाख मुस्लिम होने की उम्मीद है, जो कुल आबादी का 17.2% होगा। 2021 की जनगणना में, मुस्लिमों की संख्या 39 लाख से अधिक हो गई, जो 10 वर्षों में 12 लाख से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। ब्रिटेन में 85 शरिया अदालतें हैं।

    2024 में मुस्लिम विरोधी नफरत के 6,300 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जो 2023 की तुलना में 43% अधिक हैं। लंदन और बर्मिंघम जैसे शहरों में मुस्लिम आबादी 15% से 20% के बीच पहुंच गई है। दक्षिणपंथी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन ने लंदन में इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया।

    लेबर पार्टी, जो आप्रवासियों का समर्थन करती है, सत्ता में है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे हिंसा, डर और विभाजन का उपयोग करने वालों के आगे समर्पण नहीं करेंगे। अमेरिकी व्यवसायी एलन मस्क ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि यूरोप के पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है।

    Demographics Fear of Change Immigration Muslim Population Nationalism Political Tensions Protests Social Unrest United Kingdom
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    World

    ट्रंप-ऑर्बन दोस्ती का जिक्र कर रुबियो ने हंगरी में डील साइन की

    February 16, 2026
    World

    बांग्लादेश में बीएनपी राज: पड़ोसियों की प्रतिक्रिया कैसी?

    February 16, 2026
    World

    ट्रंप पीस बोर्ड की शुरुआती बैठक में ईयू की पर्यवेक्षक भूमिका

    February 16, 2026
    World

    जिनेवा में अराघची-ग्रॉसी मुलाकात, यूएस-ईरान वार्ता की जमीन तैयार

    February 16, 2026
    World

    जेलेंस्की का ऑर्बान पर मुंह तोड़ जवाब, म्यूनिख में शर्मनाक बयान पर कसा तंज

    February 16, 2026
    World

    इमरान खान स्वस्थ, चश्मे से 70% दृष्टि: पाकिस्तान मंत्री आजम तरार का ऐलान

    February 16, 2026
    -Advertisement-
    © 2026 Indian Samachar. All Rights Reserved.
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.