अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक का मानना है कि भारत संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के लिए ‘माफी’ मांगेगा। लुटनिक ने कहा कि भारत को एहसास होगा कि वह अमेरिकी बाजार के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कनाडा का उदाहरण देते हुए कहा कि कनाडा ने अपनी अर्थव्यवस्था की स्थिति को समझने के बाद अमेरिका के साथ एक समझौता किया। लुटनिक के अनुसार, ‘मुझे लगता है कि एक-दो महीने में भारत बातचीत की मेज पर होगा और वे माफी मांगेंगे और डोनाल्ड ट्रम्प के साथ सौदा करने की कोशिश करेंगे। यह डोनाल्ड ट्रम्प पर निर्भर करेगा कि वह मोदी के साथ कैसे व्यवहार करना चाहते हैं।’ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका ने रूस और भारत दोनों को ‘सबसे गहरे, सबसे अंधेरे चीन’ के हाथों खो दिया है। यह टिप्पणी तब आई जब भारत, रूस और चीन शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में एक साथ खड़े थे। ट्रम्प ने लिखा, ‘ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को सबसे गहरे, सबसे अंधेरे चीन के हाथों खो दिया है। हो सकता है कि उनका एक लंबा और समृद्ध भविष्य एक साथ हो!’ ट्रम्प ने तीन नेताओं – प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक पुरानी तस्वीर के साथ यह लिखा। ट्रम्प ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर बुधवार को चीन की सबसे बड़ी सैन्य परेड में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की उपस्थिति के बाद अमेरिका के खिलाफ ‘साजिश’ करने का भी आरोप लगाया।
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