नेपाल सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। सरकार ने नए नियमों के तहत यह कदम उठाया है, जिसका व्यापक विरोध हो रहा है। प्रतिबंध के बावजूद, नेपाली नागरिक इन साइटों तक पहुंचने के लिए नए-नए तरीके खोज रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे ही प्रतिबंध लागू हुआ, लोगों ने वीपीएन का सहारा लेना शुरू कर दिया, जिससे वे इन साइटों तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं। नेपाल साइबर पुलिस के अनुसार, वीपीएन का उपयोग बढ़ रहा है। लोग वीपीएन की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद इसका उपयोग कर रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स के अनुसार, नेपाल में वीपीएन से संबंधित खोजें बढ़ी हैं, जिनमें लैपटॉप, आईफोन और फेसबुक के लिए वीपीएन शामिल हैं। इंटरनेट सेवा प्रदाता संघ का कहना है कि उन्हें सरकार से एक पत्र मिला है और वे इस पर कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं। सरकार ने 2023 में एक कानून बनाया था जिसके तहत सभी सोशल मीडिया साइटों को नेपाल में पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही, उन्हें गलत कंटेंट को हटाने के लिए एक संपर्क अधिकारी नियुक्त करना होगा। सरकार ने इस मामले में मेटा से भी संपर्क किया है।
Trending
- जापान में भूकंप: नोडा तट पर 6.0 की तीव्रता, सुनामी का खतरा नहीं
- अमेरिकी रिपोर्ट: 2026 में भारत-पाकिस्तान, अफगान-पाक में युद्ध की आशंका
- भारत-बांग्लादेश जल संधि: फरक्का समझौते की अहमियत और भविष्य पर बहस
- नए साल का तोहफा: IGL ने PNG ₹0.70/SCM सस्ता किया
- आतंकवाद से भड़केगा भारत-पाकिस्तान युद्ध? 2026 की चिंताजनक भविष्यवाणी
- जेपी जेल से तीन कैदियों का फरार होना, झारखंड में सुरक्षा पर सवाल
- 14,100 लोगों पर आरपीएफ का शिकंजा: रेल सुरक्षा में अभूतपूर्व कार्रवाई
- दिल्ली-NCR कोहरे की चपेट में: उड़ानों और ट्रेनों का संचालन ठप, यात्री परेशान
