बांग्लादेश में प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बयानों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने मीडिया संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे शेख हसीना के बयानों को प्रकाशित या प्रसारित न करें, ऐसा करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कहा कि हसीना के बयान देश की लोकतांत्रिक स्थिरता के लिए खतरा हैं। सरकार ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने शेख हसीना को दोषी ठहराया है और उन पर मानवता के खिलाफ अपराधों का मुकदमा चल रहा है। सरकार ने अवामी लीग की गतिविधियों पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है और आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंधित संगठनों के नेताओं के भाषणों को प्रसारित करने पर भी कार्रवाई करने की बात कही है।
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