निमिषा प्रिया द्वारा कथित तौर पर मारे गए तालल अब्दो मेहदी के परिवार ने ‘दिया’ या ब्लड मनी के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। परिवार का कहना है कि वो क़िसास, यानी ‘खून के बदले खून’ चाहते हैं। तालल के भाई, अब्देल फतेह मेहदी ने कहा कि निमिषा प्रिया ने दुर्व्यवहार और शोषण का जो दावा किया था, उसे यमनी अदालत में कभी पेश नहीं किया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि तालल की हत्या, उसके शरीर के टुकड़े करना और छिपाना अक्षम्य है। परिवार का कहना है कि वो किसी भी तरह के समझौते को स्वीकार नहीं करेगा। यमन के कानून के अनुसार, पीड़ित का परिवार ब्लड मनी स्वीकार कर सकता है, जिससे अपराधी को माफ किया जा सकता है, लेकिन परिवार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। निमिषा प्रिया को मौत की सज़ा सुनाई गई है। उनकी फांसी को टाल दिया गया है। इस मामले में भारत सरकार और धार्मिक नेताओं ने यमनी अधिकारियों के साथ बातचीत की।
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