रायसीना डायलॉग में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रί चंद्रबाबू नायडू ने राज्य को क्वांटम वैली के रूप में स्थापित करने का सपना बयां किया। अमरावती को इस क्रांति का केंद्र बनाते हुए उन्होंने सिलिकॉन वैली को पीछे छोड़ने की बात कही।
उन्होंने गूगल के 15 बिलियन डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) के निवेश पर प्रकाश डाला, जो विशाखापत्तनम में गीगावाट एआई डेटा सेंटर स्थापित करेगा। यह निवेश एआई, डेटा और ऊर्जा क्षेत्रों को नई गति देगा और भारत को वैश्विक एआई नेता बनाएगा।
अमरावती क्वांटम वैली पर फोकस करते हुए नायडू ने बताया कि फरवरी 2026 में 50 एकड़ के इस एकीकृत केंद्र की शुरुआत होगी। इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग, शोध, कौशल विकास और उत्पादन होगा। आईबीएम, टीसीएस व एलएंडटी के साथ 133-क्यूबिट क्वांटम कंप्यूटर भारत का पहला होगा, जिसका उत्पादन दो साल में शुरू होकर निर्यात होगा।
‘सिलिकॉन वैली आज का नाम है, कल क्वांटम वैली अमरावती का होगा,’ नायडू ने दावा किया। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (6000 करोड़) से जुड़कर राज्य ने सात एमओयू साइन किए हैं, जिनमें यूएनआईसीसी प्रमुख है।
नायडू ने प्रवासी भारतीयों की तारीफ की, जो तकनीक क्षेत्र में उत्कृष्ट राजनयिक हैं। वे विश्वभर में एकीकृत होकर सहयोग बढ़ाते हैं। आंध्र की तेलुगु समुदाय अब बहुराष्ट्रीय हैं, भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूत कर रहे हैं।
नायडू का यह खाका आर्थिक विकास, रोजगार और भारत की प्रौद्योगिकी नेतृत्व की गारंटी देता है।