इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार पर मिडिल ईस्ट संकट और FII की लगातार बिकवाली का बोझ पड़ा। सेंसेक्स लगभग 2,368 अंक गिरकर 78,918.90 पर और निफ्टी 728 अंक टूटकर 24,450.45 पर बंद हुआ, यानी 2.9% की कुल गिरावट।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 23,000 करोड़ से ज्यादा की पूंजी बाहर निकाली, क्योंकि मध्य पूर्वी तनाव से कच्चा तेल 86 डॉलर/बैरल तक चढ़ गया। वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचाव की होड़ ने भारतीय सूचकांकों को दबाव में डाल दिया।
DII और SIP के जरिए घरेलू पूंजी ने बाजार को सहारा दिया, वरना गिरावट और गहरी हो सकती थी। ब्रॉड मार्केट में मिडकैप-स्मॉलकैप भी 3% नीचे आए। सेक्टरों में रियल्टी (4.9%), तेल-गैस (4.8%), बैंक (4.6%), ऑटो (3.9%) और ड्यूरेबल्स (3.1%) सबसे ज्यादा फिसले।
कैपिटल गुड्स 0.2% चढ़ा, डिफेंस में 3% की उछाल। वीआईएक्स इंडेक्स 11% उफान पर है, जो निवेशकों की सतर्कता बयां करता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी का 200-दिन औसत के पास टिकना महत्वपूर्ण है, लेकिन घरेलू ताकत लंबी दौड़ में बाजार को बचा लेगी।