इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंचा और FII ने भारी बिकवाली शुरू कर दी। सेंसेक्स व निफ्टी में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया।
सेंसेक्स 78,918.90 और निफ्टी 24,450.45 पर बंद हुए, जो सप्ताह की शुरुआत के 81,287.19 व 25,178.65 से काफी नीचे हैं। विदेशी निवेशकों ने 23,000 करोड़ से ज्यादा की बिक्री की, ऊर्जा संकट से बचाव के लिए।
ब्रेंट क्रूड 86 डॉलर/बैरल के आसपास पहुंचा, जिसने बाजार में दहशत फैला दी। बीएसई मिडकैप व स्मॉलकैप भी 3% नीचे रहे। सेक्टरों में रियल्टी (4.9%), ऑयल एंड गैस (4.8%), बैंकएक्स (4.6%), ऑटो (3.9%) व कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (3.1%) की सबसे बुरी हालत।
रक्षा शेयरों में 3% की चमक बरकरार रही, कैपिटल गुड्स 0.2% ऊपर। घरेलू निवेशकों (DII) ने FII बिकवाली सोख ली, एसआईपी से लगातार पूंजी बहाव ने बाजार को संभाला।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह वैश्विक जोखिम व घरेलू ताकत का संघर्ष है। निफ्टी 24,450 पर 200-डीएमए के पास ठहरा। वीआईएक्स में 11% उछाल से अस्थिरता साफ झलक रही। भविष्य में तेल बाजार व क्षेत्रीय शांति पर नजरें टिकी हैं, लंबी दौड़ में बाजार मजबूत दिख रहा।