सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने एआई जनित युद्ध वीडियो को लेकर क्रिएटर्स को चेतावनी दी है। रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम में सख्त बदलाव लाते हुए कंपनी ने कहा कि भ्रामक कंटेंट पर जीरो टॉलरेंस होगी। यूएस-इजरायल-ईरान तनाव और खामेनेई मौत की अफवाहों के दौर में यह कदम जरूरी हो गया है।
निकिता बियर ने स्पष्ट किया कि एआई से रीयल लगने वाले फेक वीडियो आसानी से बन रहे हैं, जो युद्ध जैसी स्थितियों में खतरनाक साबित हो सकते हैं। एक्स सच्ची खबरें पहुंचाने के लिए नीतियां अपडेट कर रहा है।
पाकिस्तान का केस चौंकाने वाला है- एक शख्स 31 चुराए अकाउंट्स चला रहा था, जिनमें एआई युद्ध क्लिप्स डाली जा रही थीं। नाम बदलकर इन्हें वैध दिखाया गया।
अब बिना लेबल के ऐसे वीडियो पोस्ट करने पर 90 दिन की रेवेन्यू रोक, और दोहराने पर हमेशा के लिए बाहर। ‘मेड विथ एआई’ टैग से यूजर्स को तुरंत पता चलेगा कि कंटेंट सिंथेटिक है।
प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की संख्या कभी न देखे गए स्तर पर है। मस्क और बियर ने इसे ब्रेकिंग न्यूज की पसंद के रूप में सराहा।
यह पहल डिजिटल दुनिया में विश्वास बहाल करेगी। एक्स आगे भी मिसइंफॉर्मेशन से लड़ने को तैयार है, ताकि सत्य की जीत हो।