मॉर्गन स्टैनली ने भारत की आर्थिक वृद्धि पर सकारात्मक भविष्यवाणी की है। रिपोर्ट के अनुसार, दमदार घरेलू व वैश्विक मांग के सहारे वित्त वर्ष 2027 में विकास दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रह सकती है। सोमवार को जारी बयान में फर्म ने विकास संभावनाओं पर आशावादी रुख अपनाया।
उच्च आवृत्ति वाले संकेतक मजबूत हैं, जो मांग में उछाल दर्शाते हैं। ‘आर्थिक स्थिरता के माहौल में विकास समर्थक नीतियां जारी रहेंगी,’ रिपोर्ट में कहा गया। यह घरेलू उपभोग और निवेश की रफ्तार को दर्शाता है।
निर्यात क्षेत्र में भी सुधार की उम्मीद। शुल्क दरें 50 प्रतिशत के उच्चतम से घटी हैं और एफटीए समझौतों ने नए द्वार खोले हैं। ये बदलाव भारत को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।
जीडीपी आधार वर्ष अब 2022-23 है, जो जून 2022 तिमाही से लागू। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में जीडीपी व जीवीए 7.8 प्रतिशत बढ़े। नई विधि में डिजिटल-असंगठित क्षेत्र, जीएसटी डेटा, ई-वीडब्ल्यूए और पीएफएमएस शामिल हैं।
पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए वृद्धि 7.6 प्रतिशत अनुमानित है, जो पुराने आंकड़े 7.4 प्रतिशत से बेहतर। यह संशोधन अर्थव्यवस्था की वास्तविकता को सही ठहराता है।
कुल मिलाकर, मॉर्गन स्टैनली का पूर्वानुमान भारत को तेज विकास पथ पर ले जाने की क्षमता को प्रमाणित करता है।