देशवासियों ध्यान दें! 1 मार्च 2026 से बैंकिंग, कर प्रणाली, यूपीआई लेनदेन और निवेश नियमों में व्यापक परिवर्तन होंगे। बजट 2026-27 और नियामकों के फैसलों से ये कदम आमजन की दैनिक वित्तीय गतिविधियों को नया रूप देंगे।
एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें तेल कंपनियों द्वारा संशोधित होंगी, अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर। व्यावसायिक उपयोगकर्ता और ईंधन कीमतें भी बदल सकती हैं।
आईटीआर संशोधन की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ाई गई, पहले 31 दिसंबर। गलतियों को ठीक करने का मौका।
नया ‘लेट रिविजन’ विकल्प—शुल्क सहित 12 माह तक सुधार। कम आय वालों के लिए 1000, अन्य के लिए 5000 रुपये। पुनर्कार्यांकन में आईटीआर-यू पर 10% जुर्माना।
वर्षांत के लिए बैंक 31 मार्च को खुले, अवकाश का पालन न करें।
स्टॉक ब्रोकर्स 1600 सीरीज पर स्थानांतरित, धोखाधड़ी कॉल्स की पहचान आसान।
म्यूचुअल फंड्स के लिए वितरकों को प्रोत्साहन राशि, निवेश बढ़ावा।
फास्टैग उपयोगकर्ताओं को नियमित केवाईवी से छूट; टोल के लिए सब-वॉलेट सुविधा।
व्हाट्सएप जैसे ऐप्स केवल सक्रिय सिम पर चालू। न्यूनतम बैलेंस मासिक औसत पर आधारित। यूपीआई में अतिरिक्त सत्यापन।
सुरक्षा और सुविधा पर जोर, अपडेट रहें।