केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीएसएनएल निदेशक विवेक बंसल को प्रयागराज की निजी यात्रा में दिए गए वीआईपी待遇 पर तीखा प्रहार किया। इसे ‘अस्वीकार्य और आश्चर्यजनक’ बताते हुए उन्होंने कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रकरण तब उजागर हुआ जब उप महाप्रबंधक के आदेश पत्र सोशल मीडिया पर छाए। इसमें 48 घंटों के लिए 50 कर्मचारियों को नौका यात्रा, त्रिवेणी संगम स्नान (तेल, तौलिया, कंघी, अंतर्वस्त्रों वाली किट सहित), मंदिर भ्रमण जैसे 21 कार्य सौंपे गए थे। वाहनों में पानी, चॉकलेट्स, चिप्स रखने से लेकर सूट और फोटोग्राफी की जिम्मेदारी भी दी गई।
वायरल दस्तावेजों पर जनाक्रोश के बाद यात्रा स्थगित कर दी गई। सिंधिया ने पत्रकारों से कहा, ‘यह स्थापित नियमों का उल्लंघन है। मुझे यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं। दोषियों को छूट नहीं मिलेगी।’
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान दौर में सरकारी अधिकारियों के लिए कोई राजसी सत्कार नहीं चल सकता। बीएसएनएल की पिछली तिमाही में 1300 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज हुआ, फिर भी कंपनी चुप्पी साधे है।
यह घटना न केवल संसाधनों के दुरुपयोग को उजागर करती है बल्कि सार्वजनिक उपक्रमों में अनुशासन की महत्ता को भी रेखांकित करती है। सरकार की सख्ती भविष्य के लिए नजीर बनेगी।