भारतीय शिक्षाविदों ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शर्ट उतारकर विरोध को अनुचित ठहराया है। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि इतने बड़े मंच पर ऐसा करना गलत था। जंतर-मंतर पर विरोध करें, जहां यह स्वाभाविक है। समिट में दुनिया भर के सीईओ व नेता थे।
नैनीताल के कुमाऊं विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. दीवान सिंह रावत ने इसे ऐतिहासिक समिट बताया। एआई से दवा खोज में समय 15-18 से घटकर 5-6 वर्ष हो गया। डिजिटल सड़कें, भुगतान और स्टार्टअप्स में भारत की छलांग सराहनीय। सरकार की नीतियां एआई को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी फाउंडेशन के बिनय कुमार सिंह ने प्रदर्शन को देशहित के खिलाफ बताया। राजनीतिक मंच न बनाएं। राहुल गांधी स्पष्ट निंदा करें और पार्टी में अनुशासन लाएं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की इमेज खराब हुई।
यह समिट भारत के एआई नेतृत्व को रेखांकित करता है। लेकिन प्रदर्शनों में मर्यादा जरूरी है ताकि प्रगति का संदेश मजबूत हो।