अंतरिक्ष के रहस्यों की दुनिया में डार्क एनर्जी का स्थान अनोखा है। यह ब्रह्मांड को न सिर्फ फैला रही है, बल्कि इसकी रफ्तार भी बढ़ा रही है। नासा बताता है कि ब्रह्मांड का 68-70 प्रतिशत इसी से बना है, जो गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दे रही है।
बिग बैंग के 13.8 अरब साल पहले सब कुछ एक छोटे बिंदु से शुरू हुआ। विस्फोट के बाद तेज विस्तार हुआ। पदार्थ जमकर तारे और गैलेक्सी बने। लंबे समय तक माना गया कि गुरुत्वाकर्षण फैलाव रोक देगा।
1998 में दो टीमों ने सुपरनोवा का विश्लेषण किया। इनकी चमक स्थिर होने से दूरी नापना आसान। हबल ने दिखाया कि गैलेक्सियां उम्मीद से दूर हैं, क्योंकि विस्तार तेज हो गया है। डार्क एनर्जी ही इसके लिए जिम्मेदार।
यह ऊर्जा धकेलने वाली शक्ति की तरह व्यवहार करती है। घने ब्रह्मांड में गुरुत्वाकर्षण जीता, लेकिन अब डार्क एनर्जी हावी है। इसका स्वरूप क्या है—क्षेत्र, कण या कुछ और? जेम्स वेब जैसे उपकरण इसका पता लगाएंगे।
डार्क एनर्जी ब्रह्मांड के अंत का संकेत दे सकती है। वैज्ञानिक उत्साहित हैं, क्योंकि नई खोजें करीब हैं।