दिल्ली की इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में ओपनएआई प्रमुख सैम ऑल्टमैन ने भारत की एआई प्रगति पर मुग्धता जताई। उन्होंने इसे कंपनी के लिए सबसे तेज बढ़ते बाजारों में शुमार किया, खासकर कोडेक्स के संदर्भ में।
प्रेस से कहा कि यहां हर सप्ताह 10 करोड़ से अधिक लोग चैटजीपीटी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह छात्र, अध्यापक, कोडर और बिजनेसमैन सभी को समेटे उत्साह दर्शाता है। भारत वैश्विक एआई मंच पर मजबूती से उभर रहा है।
कार्यक्रम में ‘ओपनएआई फॉर इंडिया’ की शुरुआत हुई, जो बुनियादी सुविधाएं, ट्रेनिंग और पार्टनरशिप पर केंद्रित है। “हम भारत के हित में एआई गढ़ेंगे,” उन्होंने प्रतिबद्धता जताई।
टाटा ग्रुप संग समझौते से सॉवरेन एआई, उद्योगीकरण, ट्रेनिंग और इकोसिस्टम को बल मिलेगा। ओपनएआई की स्टारगेट परियोजना से भारत में डेटा सेंटर्स बनेंगे—शुरू में 100 एमडब्ल्यू, आगे 1 जीडब्ल्यू तक।
टीसीएस हाइपरस्केल का पहला कस्टमर ओपनएआई बनेगा। ऑल्टमैन ने भारत के टैलेंट पूल, एआई उत्साह और नीतिगत समर्थन की सराहना की। इससे मॉडल्स लोकल रहकर तेज, सुरक्षित और अनुपालनयुक्त होंगे।
भारत बड़े स्तर पर एआई को लोकतांत्रिक बनाने की राह पर है। यह साझेदारी आर्थिक उछाल और सामाजिक परिवर्तन लाएगी, देश को तकनीकी महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी। एआई का भारतीय युग शुरू हो चुका है।